हरदा ज़िला भारतीय राज्य मध्य प्रदेश का दूसरा छोटा जिला है। जो नर्मदापुरम संभाग के अन्तर्गत आता है। इसका मुख्यालय हरदा शहर में है। ज़िले के मुख्य तहसील खिरकिया एवं टिमरनी सिराली, रहटगांव, हंडिया हैं। जिला 2644.32 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ है। २०११ की जनगणना अनुसार यहाँ की जनसंख्या 570,302 थी। हरदा जिला 1998 में बनाया गया था, तब इसे होशंगाबाद जिले से विभाजित किया गया था।
हरदा, नर्मदा नदी घाटी में स्थित है, और नर्मदा, जिले की उत्तरी सीमा बनाती है। इसके दक्षिण में सतपुरा रेंज स्थित है।
अंग्रेज़ो ने कुलहरदा नामके गाँव को महमूदाबाद नामके गाँव के साथ मिला कर हरदा की स्थापना की और 18 मई 1867 को हरदा को नगरपालिका के रूप में स्थापित किया था। अंग्रेज़ो के द्वारा हरदा में रेल लाइन बिछाई गई, जिससे इस क्षेत्र का विकास तेजी से किया जा सके।[3] 1916 में लोकमान्य तिलक जी ने हरदा का दौरा किया था। लोकमान्य तिलक की वजह से हरदा मे उस समय कांग्रेस और मजबूत हुई थी। इसके बाद 08-12-1933 को महात्मा गांधी जी भी हरदा आए थे और यहाँ पर 4 घंटे तक यात्रा की थी। महात्मा गांधी जी का हरदा का यह दौरा हरिजन कल्याण के कार्यो पर आधारित था

