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स्थानीय

दाल बाटी

दाल बाटी

पबलिश्ड ऑन: 24/06/2019

हरदा जिला मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में आता है है। दाल बाटी हरदा का पसंदीदा व्यंजन है, इस व्यंजन में तुवर या मुंग दाल और गेहू के आटे को गोल कर बाटी बनायी जाती है , दाल बाटी मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लोकप्रिय है। दाल बनाने के लिए तुवर दाल अथवा […]

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रिद्धनाथ मंदिर

रिद्धनाथ मंदिर हंडिया

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

हंडिया का रिद्वनाथ मंदिर और नेमावर का सिद्वनाथ मंदिर अपे कलात्मक सौन्दर्य तथा वास्तुशास्त्र के लिए प्रसिद् है। हंडिया स्थित रिद्वनाथ महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर है तथा राज्य शासन द्वारा संरक्षित घोषित है। हरदा- इंदौर सड़क मार्गपर हरदा जिला मुख्यालय से 21 कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम हंडिया में नर्मदा नदी के […]

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शिव मंदिर चरुआ

गुप्तेश्वर मंदिर चरुआ

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

चारूवा- दिल्ली से बरहानपुर के बीच पुराने राजमार्ग पर स्थित होने के कारण व्यापारिक एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान था। इतिहासकारों के अनुसार चार बाबडी में उपलब्ध मौढी लिपि के एक शिलालेख से यह स्पष्ट होता है कि यह गांव पहले चानरवा के नाम से विख्यात था, जो कालांतर में चारूवा के नाम से […]

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मकडाई मंदिर

मकडाई मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

मकड़ाई भूतपूर्व जागीरी रियासत मकड़ाई का मुख्य मार्ग है। भिरंगी रेल्वे स्टेशन से 24 किमी. दूर तथा हरदा मुख्यालय से लगभग 37 कि.मी. दूर स्थित इस पुरानी रियासत के कुछ समृद्व ग्रम नर्मदा की खुली घाटी तक बसे हुए है, किन्तु इसका मुख्य वनाच्छादित अधिकांष भाग सतपुडा की निचली ढलानों पर फैला हुआ है। मकडाई […]

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मकडाई नदी

मकडाई नदी

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

मकरई – सयानी नदी के पास एक पहाड़ी पर स्थित है और अपने घने जंगलों के लिए जाना जाता है। एक प्रसिद्ध स्थान नागझिरी और देवझिरी है, जो नदी के तट पर एक छोटा सा प्राकृतिक कुआ है जहाँ से पूरे साल पानी निकलता है

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राम जानकी मंदिर

राम जानकी मंदिर

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

राम जानकी मंदिर – भादुगाँव में स्थित है , इस मंदिर में भगवान श्री राम एवं माता सीता कि मुर्तिया स्थापित है |

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नर्मदा

हंडिया

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

हरदा जिला मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर उत्तर में एक अत्यन्त प्राचीन स्थान हैः- हंडिया मान्यता है कि हंडिया नर्मदा नदी के मध्यबिन्दु पर स्थित है और नर्मदा परिक्रमा करने वाले भक्तजन यहीं से अपनी तीर्थ यात्रा प्रारम्भ करते है। जनश्रृति के अनुसार इसी स्थान पर पौराणिक ऋषि जमदाग्नि तथा हैहय वंश के सहस्त्रार्जन का […]

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